कांग्रेस
*जब तक भारत में *कांग्रेस* *मजबूत थी.*
*तब तक पाकिस्तान भी मजबूत था.*
*कांग्रेस* जैसे-जैसे खत्म होती गई,
पाकिस्तान भिखारी बनता गया. *...*
*_एक दूजे के लिए_ 💞💓*
*आपने गौर किया?*
*नोटबन्दी भारत मे हुई थी*
*और आज 6 वर्षों बाद*
*उससे..!*
*बर्बाद पाकिस्तान हुआ है..!!*
*कुछ समझे मित्रों*
*जबकि भारत निरंतर तरक्की कर रहा है।।*
🫡
*पाकिस्तान को कश्मीर मांगते - मांगते "आटा" मांगने के दिन आ गए*
*जिनको लगता है*
*राहुल का चुम्मा*
*बहन भाई के प्यार को दर्शाता है।*
*वो सार्वजनिक स्थान पर, सबके सामने अपनी बहन के साथ ऐसा करके दिखाएं*👍😁
*इतने काण्ड के बाद भी कांग्रेस और मुसलमानों पर वही लोग भरोसा कर रहे हैं*
*जो समझते हैं कि,*
*देर तक अंगूठा चूसने से उसमे से दूध निकल आएगा😂*
*सदी का सबसे भद्दा मजाक...*
*एक कुंवारा बूढ़ा अकेला आदमी,*
*अपनी बूढी विधवा बीमार मां से अलग अन्य बंगले मे रहता है,*
*और*
*वह देश जोड़ने की नौटंकी में लगा है !!*
*कॉंग्रेस और राहुल गांधी को नोटबन्दी का दर्द आज भी है*
*सोचो..*
*नुकसान कितना बड़ा हुआ होगा 🤔*
*क्या संजोग बना है*
*असली पठान एक एक किलो आटे के लिए जान दे रहे हैं।*
*इधर नकली पठान एक एक दर्शक के लिए तरस रहा है😜*
*मुस्लिम होकर मुस्लिम से लड़ना ओवैसी से सीखें...*
*और हिंदू होकर भी हिंदुओं का विरोध...*
*पप्पू, लालू, नीतीश, अखिलेश, केजरी, ममता, से सीखे...*
*"वर्क वीजा" पर*
*विदेश से भारत आने वालों की संख्या 2014 मे 1 लाख से भी कम थी*
*जो आज 2022 मे बढ़कर 70 लाख हो चुकी है...*
*लेकिन चमचों को रोजगार नहीं मिल रहा...* 🤣
*प्रवासी भारतीय सम्मेलन इंदौर में*
*6 लाख 78 हजार करोड़ का आया निवेश*
*11 लाख लोगो मिलेगा रोजगार*
*पंद्रह लाख करोड़ से अधिक का निवेश प्रस्ताव मिला*
*इनकी गलती नही है*
*दशकों से ये लोग सनातन को गालियां देते हुए ही सत्ता में आते रहे हैं*
*मुस्लिम प्लस दलित प्लस एक शक्तिशाली पिछड़ी जाति का एक घातक मिश्रण हो जाता था और उनके वोटों से वे सत्ता हासिल करते रहे हैं*
*और ब्राह्मण , राजपूत और बनियों का तिरस्कार करते हुए उनकी सत्ता में वापसी सुनिश्चित हो जाती थी*
*चन्द्रशेखर सिंह ने रामचरित मानस को नफरत फैलाने वाला ग्रन्थ बताया*
*दरअसल मुझे यह मानने में कोई संकोच नहीं है कि कभी देश में छूआछूत होता था और स्वर्ण वर्ग और दलितों के बीच संघर्ष की स्थिति रहती थी लेकिन अब वो जमाना कब का खत्म हो गया है*
*वो पीडितों की पीढी भी समाप्त हो चुकी है और शोषक भी नही रहे हैं*
*अब चौथी पीढ़ी के ना तो कथित उच्च वर्ग बचा है और ना ही कोई शोषित वर्ग अस्तित्व में हैं*
*आज की स्वर्ण पीढ़ी या दलितों के केवल सरनेम ही रह गये हैं*
*उनकी जातियों को दर्शाने के लिए*
*अब कोई स्वर्ण किसी दलित का शोषण नही कर सकता है*
*लोगों की मानसिकता भी बदली है और देश के कानून भी किसी नागरिक को उसकी जातियों के आधार पर किसी भी तरह के भेदभाव की अनुमति नहीं देता है*
*इसके अलावा राजनीतिक दलों विशेष रूप से भाजपा जैसी पार्टियों में भी उनका प्रतिनिधित्व बहुत अधिक बढ़ रहा है*
*अब कुछ अपवादों को छोड़कर राजनैतिक दलों और समाज में छूआछूत और अगड़ा पिछड़ा जैसा कुछ भी नहीं है*
*मुस्लिमों को छोड़कर सभी वर्गों के लोग भाजपा में शामिल हो रहे हैं तो जाहिर है कि उनका राजनैतिक दलों द्वारा बनाई गई सोशल कैमिस्ट्री फैल हो रही है और भारतीय जनता पार्टी ने दलितों और अन्य पिछड़ा वर्ग को यह अहसास कराया कि केवल तथाकथित उच्च वर्ग ही हिन्दू नही है बल्कि वे भी उतने ही गौरवशाली हिन्दू है*
*सोशल नेटवर्किंग और जातीय गणित की कैमिस्ट्री को भी भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने सही परिपेक्ष्य मे रखा है*
*सभी भारतीय संस्कृति के समुदायों को केवल हिन्दू पहचान में परिवर्तित कर दिया*
*जाहिर है कि इस घातक मिश्रण से परंपरागत दलों को भारी झटका लगा है* *और वे एक बार फिर से नब्बे के दशक के जातियों के संघर्ष वाले खलनायक वीर प्रताप सिंह (वी पी सिंह) के मन्डल कमंडल वाली स्थिति लाना चाहते हैं ताकि हिन्दूओ की एकता को तोड़ कर वे अपना शासन कायम कर सके*
*क्योंकि उनके पास कभी इसके अलावा कोई शासन का माडल था ही नहीं*
*लेकिन अब लोग उनके बहकावे में नही आने वाले हैं*
*और हमें भी उनको उनके जहरीले मंसूबों पर कभी भी कामयाब नही होने देना है*
*वर्ना बड़ी मुश्किल से पैदा हुई हिन्दुत्व की एकता में दरार डालकर उनका सत्ता में वापसी ही उद्देश्य है*
*वे तो इतने लम्बे समय तक सत्ता में रहे थे*
*उन्होंने उन तथाकथित दलितों और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए क्या किया
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