क्लाइमेट चेंज से निपटने में यूरोप से बेहतर कदम उठाया भारत
यूक्रेन युद्ध के कारण पैदा हुए ऊर्जा संकट को देखते हुए यूरो फिर से कोयले की तरफ बढ़ रहा है पर भारत कोयले की इस्तेमाल घटाने वाला फैसला दूरदेशी का अनुपम उदाहरण है । जलवायु परिवर्तन से निपटने में भारत लगातार अपनी कमर कस रहा है रिन्यूएबल एनर्जी का चरणबद्ध तरीके से विस्तार हाइड्रोजन नीति रेलवे का डेकार्बोनाइजेशन और 2030 तक नेट 0 उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने जैसे इस अच्छे कदम उठाए जा रहे हैं इन फैसलों से दूरगामी असर होने वाला है भारत में नेशनल डिटरमाइंड कंट्रीब्यूशंस के तहत जलवायु नीति के प्रति अपने सरोकार को जाहिर किया है । पेरिस समझौते की पूर्ति के लिए भारत ने वर्ष 2070 तक नेट जीरो अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य तय किया है । सरकार ने विभिन्न मंत्रालयों के साथ मिलकर प्रदूषण में कमी लाने के लिए एक क्षेत्रवार नजरिया तैयार किया है वहीं नेशनल एनर्जी पॉलिसी एमपी में भी 2030 तक स्थापित सौर ऊर्जा क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि करने के साथ केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की कोयला क्षमता में गिरावट की बात कही गई है । केंद्र ने हाल ही में अक्षय ऊर्जा क्षमता को रिस्टोर करने के लिए एक बिजली ट्रांसमिशन प्रण...